थांदला में सात उपयाजकों का भव्य पावन पुरोहिताभिषेक समारोह संपन्न
प्रियांश डाबी थांदला से
थांदला स्थित कैथोलिक चर्च में एक अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण समारोह के बीच सात — उपयाजक अभिषेक चरपोटा, उपयाजक मनीष खड़िया, उपयाजक अमित भूरिया, उपयाजक राजेश डामोर, उपयाजक पारसिंग डामोर, उपयाजक अमित मचार एवं उपयाजक सावन मचार—का पवित्र पुरोहिताभिषेक सम्पन्न हुआ। यह ऐतिहासिक एवं आशीषमय अवसर न केवल इन नवपुरोहितों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, बल्कि संपूर्ण कलीसिया एवं समाज के लिए भी प्रेरणादायक क्षण सिद्ध हुआ।
इस पावन समारोह में इन सातों नवयुवकों ने ईश्वर की दिव्य पुकार को स्वीकार करते हुए अपने सम्पूर्ण जीवन को प्रभु की सेवा एवं मानवता की भलाई के लिए समर्पित करने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य, आज्ञाकारिता एवं निस्वार्थ सेवा का व्रत लेते हुए यह प्रतिज्ञा की कि वे ईश्वर और उनके लोगों के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे। यह क्षण उनकी आत्मिक यात्रा का चरम बिंदु था, जहाँ उन्होंने अपने जीवन को पूर्णतः प्रभु के हाथों में सौंप दिया।
इस गरिमामय अवसर पर झाबुआ धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप पीटर खराड़ी मुख्य अनुष्ठाता (मुख्य याजक) के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ इंदौर धर्मप्रांत के बिशप थॉमस मैथ्यू एवं उदयपुर धर्मप्रांत के बिशप देवप्रसाद गणावा की उपस्थिति ने समारोह की शोभा को और अधिक बढ़ाया। धर्माध्यक्ष थॉमस मैथ्यू ने अपने संदेश में नवपुरोहितों को ईश्वर के वचन के सच्चे प्रचारक, विनम्र सेवक एवं समाज में प्रेम, शांति और करुणा के वाहक बनने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में लगभग 250 से अधिक पुरोहितों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने इस अभिषेक के साक्षी बनकर नवपुरोहितों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 8000 श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति ने इस आयोजन को एक विराट आध्यात्मिक उत्सव का रूप दे दिया। भक्तगणों ने प्रार्थना, भजनों एवं सहभागिता के माध्यम से इस ऐतिहासिक क्षण को और भी अर्थपूर्ण बनाया।
पूरे समारोह का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आनंद से परिपूर्ण रहा। इस अवसर पर कलीसिया के जीवन में पुरोहिताई की महत्ता को पुनः रेखांकित किया गया, जो केवल एक पद नहीं बल्कि सेवा, त्याग और समर्पण का जीवन है। नवपुरोहितों के लिए यह एक नई शुरुआत है, जिसमें वे प्रभु यीशु मसीह के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज के हर वर्ग तक प्रेम और सेवा का संदेश पहुँचाएंगे।
यह अभिषेक समारोह निस्संदेह कलीसिया के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण रहा, जिसने सभी को सेवा, विश्वास और समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की।