प्रशिक्षु पटवारियों ने जानी सही -समझ सही -कार्य व्यवहार स्व मूल्यांकन की प्रक्रियाएं
नीलीमा डाबी
राज्य आनन्द संस्थान एवं राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नव नियुक्त कर 104 प्रशिक्षु पटवारियों हेतु झाबुआ पोलेटेक्निक कालेज में अल्पविराम परिचय सत्र का आयोजन किया गया।
सत्र के प्रारंभ में स्वागत भाषण में श्री पवन वास्केल एस एल आर झाबुआ द्वारा बताया कि वर्तमान में हर आदमी तनाव में रहता है इससे हमारा कार्य प्रभावित होता है और आशातीत परिणाम प्राप्त नहीं कर पाते हैं। इस सबंध में राज्य आनन्द संस्थान द्वारा तनाव प्रबंधन पर नव नियुक्त पटवारियों हेतु प्रदेश के सभी जिलों में आनन्द विभाग द्वारा अल्पविराम कार्यक्रम रखा गया है। इसी तारतम्य में आज हमारे बीच आनन्द विभाग के नोडल अधिकारी एंव राज्य स्तरीय मास्टर टेनर श्री जगदीश सिसोदिया सर द्वारा तनाव मुक्ति एवं आनन्दित रहने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सत्र के में श्री सिसोदिया ने आनन्द विभाग का संक्षिप्त परिचय एवं चलाएं जा रहे कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया गया कार्यक्रम में सही समझ व आंतरिक आनंद को विकसित करने हेतु विभिन टूल्स जैसे- आनंद की ओर, जीवन का लेखा जोखा, रिस्ते, चिंता भय, और सी.सी.डी. फ्रीडम ग्लास प्रस्तुत किये गए। स्थापित मूल्य मानव मूल्य आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रशिक्षु पटवारी अपने जीवन मे “सही समझ” व “आनंद” के साथ अपने कार्य क्षेत्र एवं व्यक्तिगत जीवन को कैसे जीना है,इसकी प्रक्रिया को विभिन्न टूल्स के माध्यम से समझा। कार्यक्रम में “मौन” के महत्व को बताया गया तथा मौन को जीवन मे लाने हेतु अभ्यास की निरंतरता पर भी बल दिया।संवेदनशीलता एवं संज्ञाशिलता पर विस्तार से चर्चा के साथ ही समझ, संबंध एवं सुविधा विषय पर प्रश्नों के उत्तर प्रस्तूत किये गये। जिदां रहना और जीने के अंतर को स्पष्ट किया गया। मैं और शरीर की आवश्यकताओं पर विस्तार से सार्थक सवांद स्थापित किया।कार्यक्रम में पवन कुमार वास्केल अधीक्षक भू-अभिलेख, नमिता राठौर सहायक अधीक्षक भू अभिलेख, गजराज दातला, रमनलाल हाड़ा, हेमराज गवली, संदीप डामोर सहित 102 प्रशिक्षु पटवारी शामिल हूए।