१०८ कुण्डी यज्ञ थांदला १७.१.२०२५ से २०.१.२०२५ चार दिवसीय आयोजन में रही महत्वपूर्ण उपलब्धियां यज्ञ के निमित ५००० ने ६ लाख मंत्र लेखन किया उन लिखी कपियों को यज्ञ शाला में मंच पर स्थापित किया १९७० साधकों ने गायत्री मंत्र गुरु दीक्षा ग्रहण की गई । ४५००० का साहित्य प्रसाद के रूप में आधे मूल्य पर उपलब्ध कराया गया । प्रत्येक साधक गुरु दीक्षा के रूप में प्रति दिन ३ माला जप एवं १ घंटा समयदान करेंगे । समस्त साधकों ने अपनी एक बुरी आदत को त्याग किया गया । प्रति माह अपनी कमाई का एक अंश समाज के सद्कार्यों में लगाएंगे । ५००० दीपो में भाव आहुतियां डाली गई, विश्व कल्याण की कामना । ३१०० कलशों की यात्रा निकली । गायत्री को इस युग की शक्ति एवं पूज्य गुरुदेव को प्रज्ञा अवतार प्रमाण सहित बताया, सतयुग का अवतार, मनुष्य में देवत्व एवं धरती पर स्वर्ग का अवतरण, २०२६ में प्रत्यक आप सभी देखेंगे । टोली नायक सुनीलजी शर्मा द्वारा पुनस्वन्न १२, विद्यारंभ ३१०, जनेऊ संस्कार १३३० संपन्न कराए । सभी ५ स्टाल पर सभी साहित्य कम पद गया ।गुरुदेव के जीवन चरित्र पर प्रदर्शनी, गायत्री परिवार के सप्त आंदोलन, १६ संस्कार , जीवंत झांकी, नशा निवारण प्रदर्शनी लगाई ६००० से अधिक लोगों ने देखी गई । यज्ञ के संयोजक अंतरसिंह रावत सह संयोजक राजाराम पाटीदार, यज्ञ के कोषाध्यक्ष c p त्रिपाठी रहे । युग प्रवक्ता विनोद जायसवाल , ने जानकारी दी । यज्ञ के सहयोगी क्लेश वास्कले, सुनील शर्मा, जितेंद्र फरक्या, मनोज मनीष पालीवाल, हेमेंद्र सिंग चंद्रावत, राम नरेश यादव, कमल पेट, जयेंद्र तिवारी, हेमेंद्र उपाध्याय।