कैथोलिक चर्च थांदला में चालीसा के दूसरे शुक्रवार को क्रूस यात्रा का
नीलिमा डाबी आदिवासी महिला दबंग पत्रकार
आयोजन हुआ। थांदला … कैथोलिक चर्च थांदला में चालीसा काल में प्रति शुक्रवार को क्रूस यात्रा ईसाई समुदाय द्वारा की जाती है प्रथम क्रूस यात्रा दोपहर 3 बजे उसके बाद मिस्सा पूजा दूसरी क्रूस यात्रा शाम 5,30 बजे की जाती है जिसमें ईसाई समुदाय द्वारा प्रभु येशु के दुख भोग और मरण को याद किया जाता है। येशु प्रभु ने मनुष्य जाति को पाप से मुक्ति दिलाने के लिए अपने आप को क्रूस पर बलिदान दे दिया जब उन्हें क्रूस पर चढ़ाने ले जा रहे थे उस समय क्रूर सिपाहियों ने कई प्रकार से दुख दिया उन्हें कोड़े मारे गए लात एवम् धुसे मारे गए कांटो का मुकुट पहनाया गया। तीन बार भूमि पर गिर पड़े इन सभी घटनाओं को याद करते हुए ईसाई समुदाय अपने अपने पापों का प्रायश्चित करते है और बुराइयों से दूर रहकर दूसरों के प्रति प्रेम परोपकार का जीवन व्यतीत करते हुए उपवास और परहेज करते हुए ईश्वर की आज्ञाओं पर चलने का प्रयास करते हैं 5मार्च से 18 मार्च तक चालीसा काल रहेगा अंतिम शुक्रवार गुड फ्राइडे होगा जिस दिन प्रभु येशु को क्रूस पर चढ़ाया गया था लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वह कब्र में से पुनर्जीवित हुए उन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त कर प्रत्येक मनुष्य को पुनः जीवित और मृत्यु पर विजय प्राप्त कर अपने कर्मो के अनुसार स्वर्ग में अनंत सुख का भागीदार बनाया। शुक्रवा saर को दूसरे क्रूस यात्रा का संचालन फादर लुकास डामोर ने किया भक्ति मय गीतों का संचालन राजू कटारा एवम् उनके दल द्वारा किया।