जुबली वर्ष 2025 के अवसर पर झाबुआ डायसिस द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रार्थना सभा का समापन
नीलिमा डाबी
जुबली वर्ष 2025 के पावन अवसर पर झाबुआ डायसिस ने मेघनगर के सेंट अर्नोल्ड चर्च परिसर में “आशमय तीर्थयात्री” विषय के तहत तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रार्थना सभा का भव्य आयोजन किया। इस प्रार्थना सभा का उद्देश्य था भक्तों को यीशु के साथ समय बिताने का अवसर प्रदान करना, उनके कीमती लहू से आत्मिक नवीनीकरण पाना, और पवित्रता की ओर अग्रसर होना।
यह आध्यात्मिक प्रार्थना सभा 29 मार्च, शनिवार को भव्य तरीके से प्रारंभ हुई। इस पावन अवसर पर झाबुआ डायसिस के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 3,000 भक्तगण सेंट अर्नोल्ड चर्च परिसर में एकत्रित हुए। इस सभा का वातावरण पूरी तरह से पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर था, जहाँ भक्तों ने परमेश्वर के वचन को सुनते हुए आत्मिक शांति और नवीनीकरण का अनुभव किया।
आध्यात्मिक प्रार्थना सभा के दौरान विशेष रूप से यीशु के कीमती लहू के माध्यम से आत्मिक शुद्धिकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया। भक्तों ने प्रार्थना, ध्यान और चुपचाप विचारों के माध्यम से परमेश्वर के साथ गहरा संबंध स्थापित किया।
प्रार्थना सभा के दौरान कई प्रभावशाली प्रवचन दिए गए, जिनमें पवित्र शास्त्रों के गहरे अर्थ और यीशु के लहू के महत्व पर चर्चा की गई। प्रचारकों ने भक्तों को आत्मिक जागरूकता, पवित्रता की ओर बढ़ने और अपने जीवन में परमेश्वर के प्रेम को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस आध्यात्मिक सभा में भक्ति गीत, प्रार्थना सत्र, और पवित्र यूखरिस्त के दौरान विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे भक्तों को गहरी आत्मिक संतुष्टि प्राप्त हुई।
प्रार्थना सभा का समापन 31 मार्च को भव्य तरीके से हुआ। इस पवित्र अवसर पर सभी उपहारों और आशीर्वादों के लिए परमेश्वर का आभार व्यक्त किया गया। समापन समारोह की अध्यक्षता झाबुआ डायसिस के बिशप, पीटर रुमाल खाराड़ी ने की। समारोह के दौरान बिशप ने अपने प्रेरणादायक शब्दों से भक्तों के हृदय में प्रेम और विश्वास की लौ जलाई।
धन्यवाद संबोधन झाबुआ डायसिस के विकर जनरल, फादर पी. ए. थॉमस ने दिया, जिन्होंने आध्यात्मिक प्रार्थना सभा के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों और भक्तों का आभार प्रकट किया। उन्होंने इस पावन अवसर पर परमेश्वर के निरंतर आशीर्वाद के लिए भी धन्यवाद दिया।
इस प्रार्थना सभा में कुल मिलाकर लगभग 5,000 भक्तों ने भाग लिया, जिन्होंने परमेश्वर के आशीर्वाद और प्रेम को प्राप्त किया। भक्तों ने इस अनुभव को आत्मिक नवीनीकरण और आध्यात्मिक जागरूकता के रूप में महसूस किया। आध्यात्मिक प्रार्थना सभा के प्रवाचको को भी विशेष रूप से धन्यवाद दिया गया, जिन्होंने अपने प्रेरणादायक प्रवचनों से भक्तों के जीवन में आत्मिक प्रकाश और जागरूकता का संचार किया। उक्त जानकारी झाबुआ डायोसिस के मीडिया प्रभारी फादर मनीष डामोर प्रदान की गई