झाबुआ में साक्षरता का उत्सव: 75 साल के बुजुर्ग से लेकर सास-बहू तक ने दी परीक्षा, हर केंद्र पर दिखा जोश
प्रियांश डाबी झाबुआ से
झाबुआ जिले में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की बुनियादी मूल्यांकन परीक्षा बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुई। जिले में 1,163 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां सुबह से ही शिक्षार्थी पहुंचने लगे।
राज्य सरकार ने झाबुआ को 74 हजार का लक्ष्य दिया था, जिसमें से लगभग 63 हजार लोगों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। जिलाधिकारियों ने खुद परीक्षा केंद्रों का दौरा कर शिक्षार्थियों का मनोबल बढ़ाया।
सबसे खास नज़ारा तब देखने को मिला जब बुजुर्गों ने पढ़ाई को लेकर अपना अनुभव साझा किया।
झुमका केंद्र के 75 वर्षीय केलम डावर ने कहा, “पढ़ने-लिखने में मजा आ गया।”
76 वर्षीय सिंह खराड़ी ने मुस्कुराते हुए बताया, “अब मैं अपने पूरे परिवार के नाम लिख लेता हूं और पढ़ भी लेता हूं।”
76 साल की विधवा संतु बदिया ने गर्व से कहा, “अब मैं अनपढ़ नहीं हूं।”
ऐसे कई उदाहरण जिलेभर में देखने को मिले, जहां लोगों ने पढ़ाई के महत्व को महसूस किया। खास बात यह रही कि कई केंद्रों पर सास और बहू दोनों ने एक साथ परीक्षा दी। वहीं थांदला विकासखंड में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती शांति डामोर व 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती कमली डामोर ने परीक्षा दी।।
हर परीक्षा केंद्र पर औसतन 30 से 40 शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन में झाबुआ की साक्षरता टीम ने समर्पित भाव से काम किया, जिसका नतीजा यह रहा कि जिलेभर में साक्षरता का माहौल जैसा बन गया।