कैथोलिक चर्च थांदला में मृत परिजनों की आत्मा शांति के लिए प्रार्थना कर
प्रियांश डाबी थांदला से
श्रद्धासुमन अर्पित किये। थांदला …. पूरे विश्व में 2 नवंबर को प्रतिवर्ष समस्त मृत परिजनों को याद कर उनकी आत्मा की शांति के लिए मिस्सा पूजा प्रार्थना और पुष्प मोमबत्ती उनकी कब्र परअर्पित की जाती हैं। इस अवसर पर झबुआ डायसिस के बिशप पीटर खराड़ी कब्र की आशीष और प्रार्थना के लिए कैथोलिक ईसाई कब्रस्तान पद्मावती नदी किनारे स्थित उपस्थित हुए । उन्होंने कहा हम आज जीवित है हम उनसभी मृत आत्माओं के लिये प्रार्थना करें जो आज हमारे साथ नहीं है। क्योंकि वे मरने के बाद स्वयं अपने गुनाहों लिए ईश्वर से प्रार्थना और क्षमा याचना नहीं कर सकते इसलिए हमें उनके लिए प्रार्थना एवं उनके गुनाहों के प्रायश्चित के लिए क्षमा याचना करने का यह अवसर मिला है। इसलिए हम उनके गुनाहों के लिए ईश्वर से अनुनय विनय करें।जिससे वे स्वर्ग धाम में अनन्त सुख प्राप्त करें। कैथोलिक ईसाई कब्रस्तान 126 वर्ष पुराना है जहां पुरखों के पौत्र पुत्र एवं परपोतों ने दूर दूर से आकर मृत परिजनों की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पल्ली पुरोहित फादर पीटर कटारा फादर असीम मिंज भी उपस्थित रहे। ईसाई समाज के लोगों द्वारा कब्र की सफाई की जाकर फूलों से सुंदर सजावट की गई थी। तथा अगर बत्ती और मोमबत्ती चढ़ाई गई थी । इस वर्ष कब्रस्तान में विद्युत व्यवस्था होने से व्यवस्था होने से अधिक रौनक थी। कैथोलिक चर्च थांदला से जुलूस में कब्रस्तान भक्तिमय वातावरण के साथ पहुंचे जहां प्रार्थना और आशीष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त पल्लीवासियों का सहयोग रहा।