“हमारे आध्यात्मिक गुरु पोप फ्रांसिस का स्वर्गवास: समस्त कलीसिया के लिए एक अपूरणीय क्षति”
प्रियांश डाबी झाबुआ से
झाबुआ के कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष, माननीय बिशप पीटर खराड़ी अत्यंत दुख और गहन संवेदना के साथ यह सूचित करते हैं कि हमारे आध्यात्मिक गुरु, मार्गदर्शक और समस्त विश्व कैथोलिक समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का आज 21 अप्रैल प्रातः 7:35 बजे शांतिपूर्वक स्वर्गवास हो गया।
यह समाचार समस्त कैथोलिक समाज और सम्पूर्ण ईसाई समुदाय के लिए गहरा शोक और पीड़ा लेकर आया है। पोप फ्रांसिस न केवल एक महान धर्मगुरु थे, बल्कि वे येशु मसीह के सच्चे शिष्य, एक जीवंत संत, और एक दयालु पिता के रूप में विश्व में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को प्रभु की सेवा, कलीसिया की उन्नति, और विशेष रूप से समाज के वंचित, शोषित एवं पीड़ित वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।
पोप फ्रांसिस का जीवन सादगी, करुणा, न्याय और प्रेम का प्रतीक था। उन्होंने न केवल विश्व के नेताओं के बीच एक नैतिक प्रकाशस्तंभ की भूमिका निभाई, बल्कि आम जनमानस के दिलों में भी गहरी छाप छोड़ी। उनका निधन विश्व कैथोलिक समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
इस कठिन समय में, जब पूरा विश्व इस महान आत्मा के जाने का शोक मना रहा है, मैं समस्त झाबुआ धर्मप्रांत और उससे जुड़े सभी विश्वासियों से अपील करता हूँ कि वे पोप फ्रांसिस की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थनाएं करें, उपवास रखें और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में प्रेम, सेवा और समर्पण के मूल्यों को अपनाएं।
पोप फ्रांसिस की शिक्षाएं और उनका जीवन-संदेश सदैव हमारे पथ को आलोकित करता रहेगा।
ईश्वर इस महान आत्मा को अनंत शांति प्रदान करें। “शांति उनके साथ हो।”
*बिशप पीटर खराड़ी* *धर्माध्यक्ष, कैथोलिक धर्मप्रांत, झाबुआ*