संत मारिया गौरेती पर्व धूमधाम से मनाया गया …..थांदला नगर से 2किमी दूर संत मारिया गौरेती चर्च छोटी धामनी में यह पर्व धूमधाम से मनाया गया। पल्ली पुरोहित फादर बसंत इक्का ने कैथोलिक डायसिस झाबुआ के बिशप पीटर खराड़ी का एवं अन्य मेहमानों का स्वागत किया। कुछ दिनों पूर्व ही छोटी धामनी को पल्ली का दर्ज़ा मिला है। इससे पूर्व छोटी धामनी थांदला पल्ली का हिस्सा था। अभी ये स्वतंत्र रूप से अपनी पल्ली के विकास के कार्य करेंगे। झाबुआ डायसिस में संत मारिया गौरे ती के नाम से यह प्रथम चर्च है जो संत मारिया गौरती के नाम से है। संत मारिया गोरेटी मात्र 11 वर्ष में शहीद होने वाली सबसे कम उम्र की संत है। उनका जन्म एक किसान परिवार में 1890 में हुआ था उसने अपने हत्यारे को क्षमा करते हुए कहा मै उन्हें माफ करती हूं और मैं चाहती हूं कि वह स्वर्ग में मेरे साथ रहे। इसलिए वह महान दया की छोटी उम्र की संत कहलाती है। मिस्सा पूजा में बिशप पीटर खराड़ी साथ 10 पुरोहितों से अधिक ने भाग लिया। अंत में आभार पल्ली पुरोहित फादर बसंत इक्का ने आभार माना।