श्रावण के पावन मास भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
नीलिमा डाबी
जिसमे कावड़ के माध्यम से शिव जी को प्रसन्न करने का प्रचलन भी अधिक है। इसी के तहत थांदला के युवक 50 लीटर जल की कावड़ उठाकर उज्जैन महाकाल पर जल चढ़ाने को निकले । जिसमें राज उटवाल.. विशाल खोड़े.. विकाश मचार.. सुमित सोलंकी..राजा डामोर… बादल डामोर.. बाबू चनाल,आकाश मचार,सुमित गनावा, श्याम संदीप डिंडोर उत्साह से बोल बम के नारे लगाते हुए बारी_बारी से कावड़ उठते हुए निकल पड़े है।