(थांदला) देश की भव्य भू धरा मां भारती की परम पुण्य पावन स्थली महाप्रयाग( काशी) मैं १४४ वर्षों उपरांत एक अद्भुत अनूठा एफूतपूर्व ऐतिहासिक आयोजन महाकुंभ अपनी आध्यात्मिक रश्मियों से आज समूचे विश्व का दिग्दर्शन कर रहा है, वहीं नन्ही काशी नाम से सु विख्यात नगरी थांदला में आज दिनांक 17 जनवरी 2025 से भव्य एवं दिव्या महाकुंभ कलश यात्रा में संपूर्ण क्षेत्र की 3200 शक्ति स्वरूपा माता बहनों ने विद्यमान होकर समस्त तीर्थो के आह्वान से अभिमंत्रित पवित्र जल कलश एवं जवारे अपने शीश पर सम्मान धारण किए हुए थे। पीले परिधान में सुसज्जित अपार्जन समुदाय संगीत में सु मधुर गान के साथ नगर के प्रमुख मार्गों पर सनातनीय जय घोष के नाद से अभूतपूर्व उत्साह एवं उमंग का संचार कर रहा था। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के अधिकृत प्रवक्ता जगमोहन सिंह राठौड़ ने देते हुए बताया कि भव्य एवं दिव्या कलश यात्रा का शुभारंभ प्राचीन बावड़ी मंदिर से होकर नगर भ्रमण करते हुए दशहरा मैदान 108 कुंडीय महायज्ञ स्थल पर पहुंची। यहां निर्माता विशाल पंडाल में समस्त जवारेमई कुंभों को यज्ञशाला के चारों ओर स्थापित कर दिया गया। अपने भक्ति में भजनों एवं प्रवचनों के साथ आचार्य गणों ने उपस्थितों को भक्ति रस से आनंदित किया। शक्ति संवर्धन महायज्ञ की श्री गणेश वेला पर सुश्री निर्मला भूरिया महिला बाल विकास मंत्री एवं पुलिस अधीक्षक ने आध्यात्मिक आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सनातनीय संस्कृति से आंचल की धन्यता हेतु गायत्री परिवार के सुकृतियों की सराहना की वही महायज्ञ की पूर्ण सफलता हेतु पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीय माताजी से वंदना की। कलश यात्रा में प्रमुख रूप से गायत्री परिवार के घनश्याम दास बैरागी ,विनोद जायसवाल,अंतर सिंह रावत, कमलेश वास्केल, मोतीलाल गामड़, पन्नालाल वाघेला ,जीवन भट्ट ,डॉक्टर लखन बैरागी ,कृष्ण सिंह राठौड़, मांगीलाल बसोर, राजाराम पाटीदार,शांतिलाल व्यास,कमल पटेल,सी पी त्रिपाठी, अजय मेड, सुनील शर्मा, मनोज पालीवाल ,जगदीश शर्मा ,शैतान मुनिया,कुसुम रावत ,श्रीमती फरक्या , मयूरी पटेल संगीता त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाई बहनों ने 20 जनवरी पर्यंत इस महायज्ञ में अपने इष्ट मित्रों बंधु बंधावों सहित पधार कर सौभाग्यशाली पुण्य अर्जन करने की आत्मीय अपील की है। इस अवसर पर सभी के लिए महाप्रसाद जी का प्रावधान किया गया है।