कैथोलिक धर्मप्रांत झाबुआ ने भक्ति और आत्मचिंतन के साथ गुड फ्राइडे को श्रद्धापूर्वक मनाया*

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*कैथोलिक धर्मप्रांत झाबुआ ने भक्ति और आत्मचिंतन के साथ गुड फ्राइडे को श्रद्धापूर्वक मनाया*

प्रियांश डाबी झाबुआ से

नीलिमा डाबी आदिवासी महिला दबंग पत्रकार प्रधान संपादक झाबुआ न्यूज़.com

झाबुआ, 18 अप्रैल:
कैथोलिक धर्मप्रांत झाबुआ ने गुड फ्राइडे को गहन श्रद्धा, प्रार्थना और आत्मिक चिंतन के साथ मनाया। पूरे धर्मप्रांत में सैकड़ों विश्वासियों ने प्रभु यीशु मसीह के दुःखभोग और क्रूस पर चढ़ाए जाने की स्मृति में एकत्र होकर इस ख्रीस्तीय पंचांग के सबसे पवित्र और गंभीर दिवस को मनाया।

गुड फ्राइडे उपवास और संयम का दिन माना जाता है, जो विश्वासियों को प्रभु यीशु के दुःखों में भागीदार बनने का आह्वान करता है। यह वही दिन है जब यीशु ने कलवरी पहाड़ पर क्रूस पर मरते हुए सम्पूर्ण मानवता को उद्धार प्रदान किया।

इस अवसर पर ‘क्रूस यात्रा’ का आयोजन किया गया — यह 14 पड़ावों वाली एक आत्मिक यात्रा है, जहाँ प्रत्येक पड़ाव यीशु के दुःखदायी मार्ग की एक विशेष घटना को दर्शाता है। यह यात्रा प्रभु यीशु के प्रेम, धैर्य और उनके दुःखों के उद्धारक उद्देश्य की एक सशक्त याद दिलाती है।

धर्मप्रांत के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष आराधनाएँ आयोजित की गईं, जिनमें पवित्र वचन का पाठ, मौन प्रार्थना, सार्वभौमिक प्रार्थना और क्रूस की उपासना सम्मिलित थीं। धर्माध्यक्ष व पुरोहितों ने क्रूस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आशा, प्रेम, और पाप व मृत्यु पर अंतिम विजय का प्रतीक बताया।

झाबुआ धर्मप्रांत ने सभी विश्वासियों को प्रोत्साहित किया कि वे इस दिन को केवल आत्मचिंतन का ही नहीं, बल्कि विश्व में शांति, क्षमा और दया के लिए प्रार्थना का भी अवसर बनाएं — ये सभी वे गुण हैं जिन्हें मसीह के बलिदान ने उजागर किया।

जैसे ही कeलीसिया पास्का के आनंद की प्रतीक्षा कर रही है, गुड फ्राइडे हमें स्मरण कराता है कि हम प्रभु यीशु के साथ उनके दुःख में सहभागी बनें, और उनके आत्मबलिदान में शक्ति तथा उद्धार प्राप्त करें।

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